मानसिकता >> लघुकथा

लघुकथा >>> मानसिकता
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एक व्यक्ति था, जो रामनवमी के दिन पैदा हुआ था. उसके जन्म पर सभी ने उसके माता-पिता को बधाई देते हुए कहा था कि राम आया है...शुभ-शुभ ही होगा....
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उसके बाद समाज की भीड़ में वो बालक खो गया...गुमनाम जिंदगी व्यतीत करता रहा..किसी को पता नहीं चला कि वो बालक बड़ा होकर क्या बना? क्या-क्या शुभ-अशुभ काम उसने किये....
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फिर एक दिन वही बालक अपनी जिंदगी जीकर चल बसा....अबकी दिन था विजयादशमी का...अबकी समाज के शुभचिंतक आपस में बतिया रहे थे...भला हो गया देश का, रावण मर गया.

1 comment:

  1. आदमी के बच्चे का अब कोई भरोसा नहीं रहा.

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